नवग्रहों (नौ ग्रहों) के वैदिक और बीज मंत्र नीचे दिए गए हैं। इन मन्त्रों का जाप ग्रहों के अशुभ प्रभावों को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता हैं।
1. सूर्य देव (Sun)
बीज मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
2. चंद्र देव (Moon)
बीज मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
3. मंगल देव (Mars)
बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
4. बुध देव (Mercury)
बीज मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
5. बृहस्पति/गुरु (Jupiter)
बीज मंत्र: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
6. शुक्र देव (Venus)
बीज मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
7. शनि देव (Saturn)
बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
8. राहु (Rahu)
बीज मंत्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
9. केतु (Ketu)
बीज मंत्र: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
10. संपूर्ण नवग्रह शांति मंत्र
सभी नवग्रहों की शांति के लिए इस साझा (Common) मंत्र का भी उपयोग किया जाता है:
"ॐ ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।"