माँ भुवनेश्वरी स्तुति

 

माँ भुवनेश्वरी स्तुति


जगत जननी, मुस्कराती, जपा कुसुमवत रक्त वर्णा ।
चतुर्भुजा, त्रिनेत्रा, अभय और वर देने वाली ॥ १ ॥


माँ भुवनेश्वरी !


माँ! जग में भरा घोर अंधेरा, हमें चाहिये अभय दान ॥ २ ॥


माँ आप हैं त्रिभुवन की स्रष्टा, आप ही हैं सौभाग्यकारिणी ।
मान बचा दें आप हमारा,पूरी कर दें सभी कामना ॥ ३ ॥


हम करते आपकी वंदना, भूल हमारी कर दें माफ़ ।
जग परिपालक ॥ ४ ॥


भुवनेश्वरी माँ !!


॥ इति माँ भुवनेश्वरी स्तुति सम्पूर्णम् ॥