श्री काली स्तुति

 

श्री काली स्तुति

शव पर सवार


शमशान वासिनी भयंकरा


विकराल दन्तावली,त्रिनेत्रा


हाथ में लिये खडग


और कटा सिर


दिगम्बरा


अट्टहास करती माँ काली


जय माँ काली


मुक्तकेशी लपलपाती जिहवा वाली


दे रही अभय वरदान हमेशा


चार बाहों वाली


जय माँ काली


आओ करें हम ध्यान उनका


सृजन करनेवाली


सब कुछ देनेवाली


माँ काली


जय माँ काली


॥ इति काली स्तुति सम्पूर्णम् ॥