माँ बगलामुखी स्तुति

 

माँ बगलामुखी स्तुति 

रत्न जड़े मणि मंडप के नीचे ।
पीले सिंहासन पर विराजमान ॥ १ ॥


पीली माला, पीताभरण, पीत परिधान ।
निशिदिन करूँ आपका ध्यान ॥ २ ॥


बाँये हाथ से बैरी की जिह्वा पकड़े ।
दायें हाथ में मुदगर गदा लिये ॥ ३ ॥


तिमिर मिटा कर, ज्ञान बढ़ा कर ।
आप करें मुझ पर उपकार ॥ ४ ॥


बगलामुखी माँ ।
त्रिविध ताप मिटानेवाली ॥ ५ ॥


शत्रु-गति को रोकनेवाली ।
उसकी वाणी हरनेवाली ॥ ६ ॥


नित्य रूपा, मंत्र रूपा, सुनेत्रा ,
जगन्माता, चंडिका, पीताम्बरा ॥ ७ ॥


बगलामुखी माँ!!


॥ इति माँ बगलामुखी स्तुति सम्पूर्णम् ॥